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मुश्किल राह के फायदे

हम कई बार यह देखते हैं की कोई ट्रक पेड़ से टकरा कर छातिग्रस्थ हो गया हैं या कोई सड़क के बीचो बीच ही बिखर गया हैं. यह सब देखने के बाद हमारे मुह से एक ही बात निकलती हैं की " नींद की छपकी का कमाल है ". हां यह नींद की छपकी का कमाल हो सकता है.पर यह कमल बड़ा ही खतरनाक है.
अब बात आती हैं की चालक को नींद आई क्यों?
क्या वह कई दिन से सोया नहीं था? हो सकता हैं, पर ऐसा नहीं की कोई कुछ देर की नींद के लिए अपनी जान जोखिम में दाल देगा.
नींद की छपकी आने का सबसे बड़ा कारण हैं समतल सड़क मिलना, जैसे कोई राजमार्ग. और चालक को गाड़ी चलते समय इतना आनंद आया की वह नींद की चपकी ले बैठा. क्या होता अगर उसकी सड़क थोड़ी टूटी फूटी होती तो? या सड़क बेकार होती तो चालक का ध्यान सड़क पर ही केन्द्रित होता और शायद उसका ट्रक छातिग्रस्थ नहीं होता.
अब इस बात से हमें क्या सीख मिलि.
जीवन में जब तक उतार चढ़ाव नहीं मिलेंगे या कठिनाइयाँ नहीं मिलेंगी तो हम भी समय को नष्ट कर अपने लक्ष्य से दूर हट सकते हैं. यदि हमें भी सब कुछ सरल मिलता रहे तो हम भी अपने लक्ष्य से दूर हो सकते हैं.
इसलिए कठिनाइयों का राह में आना जरूरी हैं. इससे ही पता चलता हैं की हम चल रहे हैं , ठहरे हुए नहीं हैं, चलता पानी ही ऊँचा नीचा होता हैं, रुका हुआ तो पानी भी सामान होता हैं.
तो अपनी आरामदे स्थिति से बाहर आओ और जीत की और बढ़ो.

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