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आनंद

हमें हर पल का आनंद लेना आना चाहिए।

उसके लिए

अपने भीतर (मन और बुद्धि) शांत और एकाग्र होनी जरूरी है।

उसके लिए

जाप और ध्यान करना आवश्यक है।

उसके लिए

भोजन और नियम का ठीक होना जरूरी है।

इसमें मुख्य बात पेट का साफ़ होना जरूरी है।

उसके लिए

दाल, दही और खीरा रात को कभी नहीं खाना।

जितनी आवश्यकता हो उससे अधिक वाणी में नहीं आना चाहिए।

जाप सारा दिन और ध्यान, सुबह और श्याम बैठ कर लगाना चाहिए।

जैसे जैसे मन और बुद्धि एकाग्र होती जाएगी उसके बाद  वर्तमान का सुख ले सकते हैं।

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